एआई चैटबॉट्स मानसिक स्वास्थ्य के स्टिग्मा को कर सकते हैं कम

एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करने में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकते हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये पेशेवर इलाज की जगह नहीं ले सकते।

रिसर्च के अनुसार, एआई चैटबॉट्स उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जो आमने-सामने किसी से बात करने में झिझक महसूस करते हैं, क्योंकि ये गोपनीयता बनाए रखते हैं और आसानी से उपलब्ध रहते हैं।

यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कोवन यूनिवर्सिटी की टीम ने किया, जिसमें 73 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिन्होंने किसी निजी दुविधा या समस्या के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया था।

ईसीयू में मास्टर ऑफ क्लिनिकल साइकोलॉजी के छात्र स्कॉट हन्ना ने कहा कि नतीजों से पता चलता है कि यह टूल असरदार है और लोगों में बाहरी जजमेंट को लेकर चिंता को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।

मेंटल हेल्थ के लिए मदद लेने में स्टिग्मा यानी बदनामी का डर एक बड़ी बाधा माना जाता है, जो लक्षणों को और गंभीर बना सकता है और लोगों को समय पर सहायता लेने से रोक देता है।

स्टडी में पूर्वाग्रह, जज किए जाने या भेदभाव का डर और नकारात्मक सोच को खुद पर लागू करने जैसे स्टिग्मा के पहलुओं पर खास ध्यान दिया गया, जो आत्मविश्वास को कमजोर करते हैं।

रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को चैटजीपीटी उपयोगी लगा, उनमें इसे दोबारा इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा थी और उन्हें दूसरों द्वारा जज किए जाने का डर भी कम महसूस हुआ।

जैसे-जैसे एआई टूल आम होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातचीत के लिए इनका ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, जिसकी एक बड़ी वजह निजता का भरोसा है।

हालांकि शोधकर्ताओं ने चेतावनी भी दी कि एआई से खुलकर बात करना आसान जरूर है, लेकिन इसमें नैतिक सीमाओं और गलत जानकारी का जोखिम बना रहता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

स्कॉट हन्ना ने कहा कि चैटजीपीटी को इलाज के उद्देश्य से डिजाइन नहीं किया गया है और हालिया रिसर्च से यह भी सामने आया है कि इसके जवाब कभी-कभी गलत हो सकते हैं।

टीम ने सलाह दी कि एआई आधारित मेंटल हेल्थ टूल्स का इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए और गंभीर समस्याओं के लिए हमेशा पेशेवर मदद लेना जरूरी है।

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में एआई की भूमिका को समझने और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए और गहन रिसर्च की जरूरत है।