बीसीसीएल आईपीओ खुलते ही पूरी तरह सब्सक्राइब निवेशकों में उत्साह

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का आईपीओ शुक्रवार को खुलते ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, बुक खुलने के चंद मिनटों में ही इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया।

यह आईपीओ साल 2026 का पहला मेन बोर्ड इश्यू है, कंपनी का लक्ष्य 1,071 करोड़ रुपये जुटाने का है, इश्यू 13 जनवरी तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा।

शुरुआती सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के अनुसार, बीसीसीएल के 34.69 करोड़ शेयरों के मुकाबले 38.9 करोड़ शेयरों के लिए निविदा आई, खुदरा निवेशकों ने 1.5 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों ने 1.99 गुना हिस्सेदारी मांगते हुए बेहतर प्रतिक्रिया दी, कुल सब्सक्रिप्शन 1.12 गुना दर्ज हुआ।

मार्केट ट्रैकर्स के अनुसार ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ की मांग दिखाई दे रही है, दोपहर तक इसका जीएमपी 9.4 रुपये और उच्च स्तर 16.25 रुपये तक पहुंचा, विश्लेषकों का अनुमान है कि शेयर करीब 32 रुपये से ऊपर लिस्ट हो सकता है, जिससे लिस्टिंग पर करीब 40% तक रिटर्न की संभावना बन सकती है।

यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कोल इंडिया अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है, इश्यू का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जहां 50% क्यूआईबी, 35% एनआईआई और 15% रिटेल को आवंटित है।

आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 273 करोड़ रुपये जुटाए, इसके तहत 11.87 करोड़ शेयर 23 रुपये प्रति शेयर पर आवंटित किए गए।

बीसीसीएल भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है, वित्त वर्ष 2024–25 में देश के कुल घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इसका हिस्सा 58.50 प्रतिशत रहा, कंपनी की स्थापना 1972 में हुई थी और इसे मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त है।

भारत में बीसीसीएल की सीधी तुलना वाली कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी तुलना अल्फा मेटालर्जिकल रिसोर्सेज और वॉरियर मेट कोल जैसी कंपनियों से की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बाजार स्थिति और उत्पादन हिस्सेदारी को देखते हुए आईपीओ में लिस्टिंग पर मुनाफा मिल सकता है, हालांकि आगे की कीमतों पर कोयला मांग और सेक्टोरल संकेतक भी प्रभाव डालेंगे।