ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रखने का कानून लागू किया है, दिसंबर से लागू हुए इस नियम को करीब एक महीना पूरा हो चुका है और अब शुरुआती नतीजे सामने आ रहे हैं।
यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया कंपनियों ने नए कानून के तहत लगभग 50 लाख नाबालिग अकाउंट हटा दिए हैं, ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेट रेगुलेटर ने बताया कि 10 दिसंबर से 4.7 मिलियन से अधिक अकाउंट हटाए गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया की ई-सेफ्टी कमिश्नर ने गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया कि ये शुरुआती नतीजे संकेत देते हैं कि बड़े टेक प्लेटफॉर्म नाबालिगों को प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।
ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने कहा कि वह इन शुरुआती परिणामों से संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा के लिए रेगुलेटरी गाइडेंस और प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ाव ने सकारात्मक असर दिखाया है।
ये आंकड़े कम्प्लायंस पर जारी पहला सरकारी डाटा हैं, डेटा के अनुसार टेक कंपनियां कानून के तहत अपने सिस्टम को तेज़ी से अपडेट कर रही हैं और नाबालिगों की पहचान के लिए नए तंत्र लागू कर रही हैं।
डेनमार्क समेत नॉर्डिक देशों ने भी ऐसे कानूनों पर नजर रखी है, नॉर्डिक देशों ने नवंबर में घोषणा की थी कि वे 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को ब्लॉक करने की योजना पर काम कर रहे हैं जिसे 2026 के मध्य तक कानून बनाया जा सकता है।
उल्लंघन होने पर ऑस्ट्रेलिया ने प्लेटफॉर्म पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना तय किया है, यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि कंपनियां बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लें।
इनमैन ग्रांट ने यह भी माना कि कुछ नाबालिग अभी भी सोशल मीडिया पर बने रहने के तरीके ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि समाज में सुरक्षा कानूनों की सफलता नुकसान कम करने और सामाजिक मानदंड बदलने से मापी जाती है।
