देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, बैंक ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में दो अंकों की बढ़त दर्ज की।
दिसंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 12.17 प्रतिशत बढ़कर 19,806.63 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 17,656.61 करोड़ रुपए था।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 6.4 प्रतिशत बढ़कर 32,615 करोड़ रुपए हुई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 30,653 करोड़ रुपए थी, एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने यह जानकारी दी।
कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल संपत्तियों पर 3.35 प्रतिशत और ब्याज कमाने वाली संपत्तियों पर 3.51 प्रतिशत रहा, बैंक ने बताया कि बाज़ार परिस्थितियों में यह स्थिर प्रदर्शन है।
परिचालन राजस्व इस तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 27,097.80 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 25,000.40 करोड़ रुपए था।
प्रावधान में भी कमी दर्ज की गई और यह 10 प्रतिशत गिरकर 2,837.9 करोड़ रुपए रह गया, पिछले वर्ष इसी तिमाही में प्रावधान 3,153.85 करोड़ रुपए था।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक के आंकड़े मिले-जुले रहे, सकल एनपीए 2.3 प्रतिशत गिरकर 35,178.98 करोड़ रुपए रहा जबकि एक साल पहले यह 36,018.58 करोड़ रुपए था।
हालांकि नेट एनपीए में 3.4 प्रतिशत बढ़त हुई और यह 11,981.75 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 11,587.54 करोड़ रुपए था।
बैंक की ग्रॉस एनपीए रेशियो में सुधार दिखा और यह 1.42 प्रतिशत से घटकर 1.24 प्रतिशत हो गया, जबकि नेट एनपीए रेशियो 0.46 प्रतिशत से घटकर 0.42 प्रतिशत पर आ गया।
बैलेंस शीट का आकार बढ़कर 31 दिसंबर 2025 तक 40,890 अरब रुपए पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले 37,590 अरब रुपए था, बैंक ने बैलेंस शीट में मजबूत ग्रोथ दर्ज की।
औसत जमा 12.2 प्रतिशत बढ़कर 27,524 अरब रुपए हुई, वहीं सीएएसए जमा 9.9 प्रतिशत बढ़कर 8,984 अरब रुपए पर पहुंच गई, बैंक ने फंडिंग बेस मजबूत बनाए रखा।
कर्ज में भी तेजी देखने को मिली और 31 दिसंबर 2025 तक कुल लोन 11.9 प्रतिशत बढ़कर 28,446 अरब रुपए हो गया, बैंक ने कहा कि क्रेडिट डिमांड स्थिर है और पोर्टफोलियो में सुधार जारी है।
