केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे सस्ता मोबाइल डाटा मुहैया कराने वाला देश है और मोबाइल डाटा का उपयोग भी सबसे ज्यादा भारत में किया जाता है।
सिंधिया ने कहा कि यह उपलब्धि देश में बने मजबूत डिजिटल ढांचे और व्यापक नेटवर्क विस्तार की वजह से संभव हो पाई है, उन्होंने बताया कि भारत में इस समय 120 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं और जून तक हर गांव में 4जी नेटवर्क पहुंचने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिंधिया ने लिखा कि सबसे सस्ता और सबसे ज्यादा डाटा उपयोग भारत की डिजिटल क्रांति को दिखाता है, उन्होंने कहा कि यह क्रांति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों को केंद्र में रखकर बनाई गई है।
सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने अब तक 97,068 4जी टावर लगाए हैं, इनमें से 93,511 टावर अक्टूबर 2025 के अंत तक सक्रिय हो चुके हैं, बीएसएनएल आने वाले महीनों में अपने 4जी टावर को 5जी में अपग्रेड करने की योजना पर काम कर रही है।
देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी नेटवर्क शुरू हो चुका है, वर्तमान में 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी नेटवर्क उपलब्ध है और अक्टूबर 2025 तक देश भर में 5.08 लाख 5जी बेस ट्रांससीवर स्टेशन लगाए जा चुके हैं।
देश में अब तक कुल 31 लाख से ज्यादा बेस ट्रांससीवर स्टेशन लगाए गए हैं, कॉल ड्रॉप की समस्या कम करने और कमजोर इलाकों में इंटरनेट सुविधा बेहतर करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
इन योजनाओं में भारतनेट परियोजना शामिल है जिसके जरिए ग्राम पंचायतों और गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाया जा रहा है, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों में मोबाइल सेवाओं के विस्तार पर भी काम जारी है।
बिना नेटवर्क वाले गांवों तक 4जी सेवा पहुंचाने के लिए सरकार ने 4जी सैचुरेशन योजना शुरू की है, साथ ही गतिशक्ति संचार पोर्टल और राइट ऑफ वे नियमों से टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में तेजी आई है।
टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार में सरकारी कंपनियों के साथ निजी कंपनियां भी योगदान दे रही हैं, सिंधिया ने कहा कि स्पेक्ट्रम, उपकरण, ऐप्स और टिकाऊ विकास के बीच संतुलित तालमेल जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत की 6जी रणनीति में स्पेक्ट्रम नीति अहम भूमिका निभाएगी, भारत ने पहले भी कई बार स्पेक्ट्रम में सुधार किए हैं और आने वाले समय में और बड़े कदम उठाए जाएंगे।
