परमाणु डील पर बात बिगड़ी, ट्रंप की चेतावनी से ईरान आगबबूला

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु डील को लेकर चल रही शुरुआती बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है, न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन सीमित करने पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य हमले की चेतावनी दी, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है।

ट्रंप की चेतावनी से नाराज ईरान ने भी पलटकर कड़ा जवाब देने की धमकी दी है, ईरान ने कहा है कि अमेरिका की किसी भी सैन्य कार्रवाई का तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के एक शीर्ष सलाहकार ने चेतावनी दी कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो इजरायल को निशाना बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और गहरी हो गई है।

इस बीच ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की खबरें भी सामने आई हैं, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं।

प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की ओर से कथित तौर पर हिंसक कार्रवाई की गई, जिससे देश के भीतर राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय चिंता दोनों बढ़ी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान पर अमेरिका का अगला हमला पिछली गर्मियों में किए गए हमले से कहीं ज्यादा गंभीर होगा।

ट्रंप ने दावा किया कि वर्ष 2025 में अमेरिकी सेना ने ईरान की तीन परमाणु साइट्स पर हमला किया था, जिसमें कई ईरानी वैज्ञानिक मारे गए थे और ईरान के न्यूक्लियर ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि युद्धपोतों का एक बड़ा बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है, जिसे एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन लीड कर रहा है और यह बेड़ा पूरी ताकत और तैयारी के साथ मिशन के लिए तैयार है।

ट्रंप ने लिखा कि समय तेजी से निकल रहा है और ईरान को जल्द ही बातचीत की मेज पर आकर एक निष्पक्ष और संतुलित डील पर सहमत होना चाहिए, क्योंकि परमाणु हथियार किसी के लिए भी अच्छे नहीं हैं।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान ने फिर से बातचीत से इनकार किया तो अगला हमला और ज्यादा विनाशकारी होगा, और ऐसा दोबारा न होने देने की अपील की।

अमेरिकी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि वॉशिंगटन अब ईरान के शीर्ष नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाने सहित कई सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।

इन विकल्पों में ईरान की परमाणु साइट्स और प्रमुख सरकारी संस्थानों पर हमले भी शामिल हैं, हालांकि ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि इस महीने की शुरुआत से उनके सैन्य विकल्प पहले से अधिक मजबूत हो गए हैं, और अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हिंद महासागर के रास्ते ईरान के नजदीक पहुंच रहा है।