केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को पेश किया जाएगा, बजट को लेकर अलग-अलग सेक्टरों की उम्मीदें सामने आ रही हैं और एक्सपर्ट्स इस पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने कहा कि कृषि देश के लिए एक बेहद अहम क्षेत्र है, इसका अर्थव्यवस्था में लगभग 17 प्रतिशत योगदान है और यह देश के करीब 48 प्रतिशत लोगों को रोजगार देता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को बजट में कृषि के साथ-साथ वेयरहाउसिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे जुड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस करना चाहिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
आर्थिक सर्वेक्षण पर टिप्पणी करते हुए शर्मा ने कहा कि इसमें देश की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है, यह भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है और देश को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करता है।
भारत-ईयू ट्रेड डील को लेकर उन्होंने कहा कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाए हैं, भारत के निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत थी, ऐसे में यह डील दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को परिवर्तनकारी करार देते हुए कहा कि इससे देश के बाजारों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक भारत-ईयू ट्रेड डील पर एक लेख लिखा है, यह समझौता विकसित भारत के विजन को समर्पित है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का सफल समापन वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यूपीए युग के विपरीत है जब समझौते जल्दबाजी में किए गए थे।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ यह व्यापार समझौता देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगा, समृद्धि को बढ़ावा देगा और भारत के मूल हितों को प्राथमिकता देगा।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता में हुए ये समझौते बाजारों का विस्तार करते हैं, रोजगार सृजन को बढ़ाते हैं और देश की आर्थिक विकास गति को तेज करते हैं।
