सीएम योगी ने गोरखपुर में रैन बसेरों का निरीक्षण कर बांटे कंबल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर महानगर के बरगदवा और राप्तीनगर स्थित अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण किया, इस दौरान उन्होंने वहां ठहरे जरूरतमंद लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कंबल व भोजन का वितरण भी किया।

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले में, फुटपाथ या पटरियों पर सोने को मजबूर न हो, सभी को रैन बसेरों में सम्मानजनक और सुरक्षित ठहराव उपलब्ध कराया जाए।

सीएम योगी ने बताया कि भीषण शीतलहर से जनता को बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है, ताकि रैन बसेरों का संचालन, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था प्रभावी ढंग से की जा सके।

रैन बसेरों में ठहरे लोगों ने मुख्यमंत्री को सुविधाओं को लेकर संतोषजनक प्रतिक्रिया दी, और कठिन सर्दी के मौसम में राहत पहुंचाने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी सेवा के लिए निरंतर कार्यरत है।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शीतलहर को देखते हुए सभी जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, हर जिले में रैन बसेरे, कंबल वितरण और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि गोरखपुर महानगर में कुल 19 रैन बसेरे संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग एक हजार जरूरतमंद लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, सभी रैन बसेरे सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की तरह प्रदेश के सभी महानगरों और जनपदों में भी रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, और जिन लोगों के पास स्थायी ठिकाना नहीं है उन्हें फुटपाथ पर नहीं बल्कि रैन बसेरों में लाकर सुविधा दी जाए।

सीएम योगी ने स्वयंसेवी संगठनों और धर्मार्थ संस्थाओं से भी अपील की कि वे शीतलहर के इस दौर में आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें, कंबल और ऊनी वस्त्रों का वितरण पुण्य और मानव सेवा का कार्य है।

उल्लेखनीय है कि जनसेवा के इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक माह में तीसरी बार गोरखपुर में फील्ड निरीक्षण पर पहुंचे, इससे पहले 28 दिसंबर और 10 दिसंबर को भी उन्होंने विभिन्न रैन बसेरों का निरीक्षण कर कंबल वितरण किया था।