बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस ने धर्मस्थल मंदिर को लेकर फैलाई गई सनसनीखेज़ झूठी कहानियों का सच सामने लाकर बड़ा खुलासा किया है। मंदिर प्रबंधन पर सामूहिक बलात्कार, हत्याएँ और गुप्त दफन जैसे आरोप लगाने वाले मुख्य शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैयाह को अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप निकले पूरी तरह झूठे
जाँच में पाया गया कि चिन्नैयाह ने न सिर्फ़ निराधार आरोप लगाए, बल्कि इन्हें सुनियोजित ढंग से प्रचारित भी कराया। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल करने की साज़िश था।
इस साज़िश में शामिल सुजाता भट जैसी व्यक्तियों ने भी जाँच में कबूल किया कि उन्होंने दबाव और प्रलोभन में आकर झूठे बयान दिए थे।
श्रद्धालुओं में आक्रोश
धर्मस्थल मंदिर, जो कर्नाटक ही नहीं बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं का आस्था केंद्र है, को बदनाम करने की इस कोशिश ने हिंदू समाज को आक्रोशित कर दिया है। हजारों भक्तों ने इसे “आस्था पर हमला” करार दिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
साजिश की गहराई तक जाने की मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल झूठे आरोप लगाने वालों को ही नहीं, बल्कि उन मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने बिना सत्यापन अफवाहें फैलाईं।
कई संगठनों ने सरकार से मांग की है कि पूरे षड्यंत्र की गहराई तक जाकर यह पता लगाया जाए कि किन ताक़तों ने मंदिर को बदनाम करने की कोशिश की और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।