हींग सिर्फ मसाला नहीं सेहत को कई रोगों से बचाने वाला औषधीय तत्व

भारतीय रसोई में हींग दाल सब्जी और तड़के का आम हिस्सा है लेकिन आयुर्वेद इसे औषधीय गुणों से भरपूर मानता है और शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार हींग सामान्य मसाला नहीं बल्कि स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने वाला तत्व माना जाता है और इसके इस्तेमाल से पाचन तंत्र मजबूत होता है।

हींग गैस अपच ब्लोटिंग कब्ज और पेट दर्द में राहत देता है और पेट की मांसपेशियों को रिलेक्स करके पाचन एंजाइम्स को बेहतर काम करने में मदद करता है।

एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना पाचन सुधारने में कारगर माना जाता है और पेट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

हींग मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह याददाश्त एकाग्रता और मानसिक थकान में सुधार लाने में सहायक है और आयुर्वेद में इसे ब्रेन टॉनिक के रूप में बताया गया है।

हींग में ब्लड थिनिंग गुण पाए जाते हैं जो रक्त वाहिकाओं को आराम देकर हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और दिल की सेहत सुधारने में मदद करते हैं।

हींग पाचन को मजबूत करके वजन नियंत्रण में मदद करता है और अतिरिक्त कैलोरी को जमा होने से रोकता है जिससे मोटापा घटाने में सहायक होता है।

हींग एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से सूजन कम करता है और पेट दर्द माइग्रेन तथा तनाव से जुड़े सिरदर्द में कारगर माना जाता है।

हींग सर्दी खांसी और बलगम में भी फायदेमंद है और एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण श्वसन नलिकाओं को साफ करके कफ को बाहर निकालने में मदद करता है।

हींग त्वचा से जुड़े संक्रमण फोड़े फुंसी और चर्म रोग में राहत देता है और इसके गुण घाव भरने में सहायक होते हैं जिससे त्वचा की सुरक्षा बढ़ती है।

हींग शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर हृदय रोगों के जोखिम को घटाने में मदद करता है और रोजमर्रा की सेहत के लिए उपयोगी साबित होता है।

हींग का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा सिरदर्द जैसी समस्या ला सकती है और गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी मानी जाती है।