पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को बताया कि भारत की तेल कंपनियों को अबू धाबी में बड़ी सफलता मिली है, वहां जमीन पर स्थित एक तेल और गैस क्षेत्र में तेल का भंडार मिला है।
यह खोज ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड यानी यूबीपीएल द्वारा की गई है, यह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है, दोनों कंपनियों की इसमें बराबर हिस्सेदारी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शिलैफ और हबशन क्षेत्रों में हल्के कच्चे तेल की सफल खोज की गई है, यह खोज इंडियन ऑयल के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, सरकार इस क्षेत्र में तेल और गैस की और संभावनाओं को आगे बढ़ाएगी।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह खोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया मील का पत्थर है, यह सफलता भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की तकनीकी क्षमता को भी दर्शाती है।
देश के अंदर भी भारत तेल और गैस की खोज के लिए नए कदम उठा रहा है, अभी देश के सात तलछटी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से खोज जारी है, इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है।
भारत में तेल और गैस की खोज के लिए ‘मिशन अन्वेषण’ नामक पहल शुरू की गई है, यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है, इसके तहत 20 हजार किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जाना है जिसमें से 8 हजार किलोमीटर से ज्यादा पूरा हो चुका है।
सरकार ने 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को भी तेल खोज के लिए खोला है, 99 प्रतिशत प्रतिबंधित क्षेत्र हटा दिए गए हैं, इससे वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के लिए निवेश के अवसर बढ़े हैं।
ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत देशी और विदेशी कंपनियां तेल और गैस क्षेत्रों में रुचि दिखा रही हैं, आने वाला समय निवेश और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बनते हुए देख सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिन्हित किए जा चुके हैं, 154 क्षेत्र सक्रिय हैं, और अब तक 14 नई खोजें हो चुकी हैं, यह भारत की ऊर्जा रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।
