भारत में अब 2 लाख से अधिक स्टार्टअप, आधे छोटे शहरों से

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बताया कि 2014 से पहले भारत में लगभग 400 स्टार्टअप्स थे, लेकिन आज मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है जिसमें से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से हैं।

उन्होंने कहा कि पहले यह धारणा थी कि स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों में शुरू हो सकते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने इस धारणा को बदला और छोटे शहरों में भी स्टार्टअप संस्कृति विकसित हुई है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि कई योजनाओं और नीतिगत सुधारों के जरिए सरकार ने पूरा स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत किया है, जिससे युवा सरकारी नौकरियों के बजाय स्वयं आय अर्जित करने वाले क्षेत्रों में उतर रहे हैं।

कार्यक्रम में आए उधमपुर के युवा कारोबारी ने बताया कि उन्होंने हेल्थ सेक्टर में स्टार्टअप शुरू किया है, कंपनी हार्ट हेल्थ और पोषण से जुड़े सप्लीमेंट पर काम कर रही है।

एक छात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्टार्टअप शुरू करने की जानकारी दी गई है, वह कृषि क्षेत्र में चावल की वैरायटी सुधारने के लिए एक ऐप विकसित कर रही है।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह यात्रा केवल एक सरकारी योजना की सफलता नहीं बल्कि लाखों सपनों की यात्रा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यंग इनोवेटर्स ने नए सपने देखने और पूरा करने का साहस दिखाया है और स्टार्टअप इंडिया मिशन में उनका योगदान सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले व्यक्तिगत नवाचार के लिए माहौल अनुकूल नहीं था, लेकिन स्टार्टअप इंडिया लॉन्च होने के बाद युवाओं को खुला आसमान मिला और आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।