दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान को चुनौती दी है, लेकिन मोदी सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी।
केजरीवाल के सवाल
केजरीवाल ने पूछा, “जब ट्रंप ने हमारे देश की गरिमा पर चोट की तो मोदीजी चुप क्यों रहे? क्या मजबूरी थी कि भारत को झुकना पड़ा? प्रधानमंत्री का कर्तव्य देश के सम्मान की रक्षा करना है।”
उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है और हर भारतीय के आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है।
सोशल मीडिया पर हलचल
उनकी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। ट्विटर और यूट्यूब पर उनके सवालों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे समय में सरकार की चुप्पी समझ से परे है।
बीजेपी की संभावित सफाई
बीजेपी खेमे से अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक सरकार का रुख यह हो सकता है कि भारत की विदेश नीति में संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है। उनका तर्क होगा कि सार्वजनिक मंच पर तीखी प्रतिक्रिया देने से राजनयिक रिश्ते और बिगड़ सकते हैं, इसलिए सरकार ने संयमित रुख अपनाया।
विदेश मंत्रालय का दृष्टिकोण
विदेश मंत्रालय भी संभवतः यही दोहराएगा कि भारत किसी भी देश के दबाव में नहीं झुकता, लेकिन कूटनीति में कुछ मुद्दों को सार्वजनिक तौर पर नहीं बल्कि बातचीत के जरिए सुलझाना बेहतर होता है।
बड़ा सवाल बरकरार
फिर भी, केजरीवाल के सवाल ने बहस को हवा दे दी है—क्या भारत की सरकार ने वाकई दबाव में झुककर देश के आत्मसम्मान से समझौता किया या फिर यह सिर्फ कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा था? जनता अब साफ जवाब चाहती है।