व्हाट्सऐप प्राइवेसी को लेकर अमेरिका में मेटा पर मुकदमा

अमेरिका में मेटा के खिलाफ दायर एक नए मुकदमे में दावा किया गया है कि व्हाट्सऐप की प्राइवेसी से जुड़े दावे वास्तविकता में गलत हैं, आरोप है कि कंपनी निजी चैट को स्टोर करती है, उनका विश्लेषण करती है और जरूरत पड़ने पर उन तक पहुंच भी रखती है।

मुकदमा सैन फ्रांसिस्को जिला अदालत में दाखिल किया गया, इसमें शामिल लोगों का कहना है कि मेटा और उसके शीर्ष अधिकारियों ने दुनियाभर के अरबों व्हाट्सऐप यूजर्स को भ्रमित किया है, साथ ही कंपनी के व्यवहार को उपभोक्ताओं से धोखा बताने की मांग की गई है।

इस केस में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के लोग भी शामिल हैं, यह लोग अदालत से आग्रह कर रहे हैं कि इसे क्लास-एक्शन केस के रूप में स्वीकार किया जाए, ताकि सभी प्रभावित यूजर्स को एक साथ न्याय मिल सके।

मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया कि मेटा यूजर्स की चैट का पूरा डेटा अपने पास रखता है, और कंपनी के कुछ कर्मचारी भी इन संदेशों तक पहुंच रखते हैं, जिससे प्राइवेसी से जुड़ा विवाद और गंभीर हो गया है।

इन आरोपों पर जवाब देते हुए मेटा ने कहा कि मुकदमा पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत है, कंपनी का दावा है कि वह आरोपों को कानूनी रूप से चुनौती देगी और अदालत में अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी।

मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सऐप के संदेश सुरक्षित नहीं होने की बात बिल्कुल बेतुकी है, उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप में पिछले दस साल से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मौजूद है, जो सिग्नल प्रोटोकॉल पर आधारित है, और भेजने वाले तथा पाने वाले के अलावा कोई संदेश नहीं पढ़ सकता।

व्हाट्सऐप को 2009 में जान कूम और ब्रायन एक्टन ने लॉन्च किया था, बाद में 2014 में फेसबुक यानी मेटा ने इसे लगभग 19 अरब डॉलर में खरीद लिया, इसे मोबाइल मैसेजिंग क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जाता है।

व्हाट्सऐप ने महज चार वर्षों में 20 करोड़ मासिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया, आज प्लेटफॉर्म के दुनिया भर में तीन अरब से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं, जिनमें से दस करोड़ से ज्यादा यूजर्स केवल अमेरिका में मौजूद हैं।

व्हाट्सऐप को दुनिया का सबसे लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग ऐप माना जाता है, और इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इसकी एन्क्रिप्शन आधारित सुरक्षा और उपयोग में सरलता को बताया जाता है।