आज उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पतंजलि देसी घी का सैंपल फूड टेस्ट में फेल पाया गया। टेस्ट फेल होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पतंजलि कंपनी और दुकानदारों पर जुर्माना लगाया। कंपनी ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है, लेकिन घटना के बाद लोगों के मन में घी की शुद्धता को लेकर सवाल बढ़ गए हैं।
आज के समय में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चीजों की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। बाबा रामदेव के योग और पतंजलि के प्रोडक्ट्स पर लोग भरोसा करते हैं। ऐसे में किसी नामी ब्रांड का फेल होना उपभोक्ताओं के विश्वास को झटका देता है।
पतंजलि का घी छोड़कर किसी भी अन्य कंपनी का घी खरीदने पर शुद्ध तो मिलना कठिन है लेकिन और ज्यादा मिलावट मिल जाये यह भी सम्भावना हो सकती है, भारत में बाबा को ज्यादा ख़राब नजरिये से देखना आज के समय में आम बात है।
असली घी का वास्तविक प्राप्ति स्थान सीधे किसान और गौ पलक ही है, आज के आधुनिक युग में गौ पालन कम होता जा रहा इसलिए असली घी मिलना भी कठिन होता जा रहा है।
असली और नकली घी की पहचान घरेलू तरीकों से आसानी से की जा सकती है।
पहला तरीका: पानी टेस्ट
एक कांच का गिलास लें और उसमें पानी भरें। अब एक चम्मच घी डालें। अगर घी पानी की सतह पर तैरता है तो यह शुद्ध माना जाता है। अगर यह गिलास के तल में बैठ जाए तो यह अशुद्ध होने की संभावना है।
दूसरा तरीका: उबालकर और ठंडा करके टेस्ट
घी को पतीले में हल्का गर्म करें और पिघला दें। अब इसे कांच के गिलास में डालकर फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर अगर इसके ऊपर एकसमान परत बने तो घी शुद्ध है। अगर परत टूटी हुई या अलग रंगों में हो तो मिलावट की संभावना है।
नकली या खराब घी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे पाचन खराब होना, एसिडिटी, पेट दर्द, इंफेक्शन, खराब फैट के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है।
घी की गुणवत्ता जांचना जरूरी है क्योंकि आजकल मिलावट के मामले बढ़ रहे हैं। चाहे कोई भी ब्रांड हो, घर पर आसान टेस्ट करके घी की शुद्धता जरूर जांचें।
