पिस्ता एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो सदियों से दुनिया भर में एक महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ के रूप में स्वीकार्य रहा है, खासकर मध्य पूर्व और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में, जहां इसे न केवल एक नाश्ते के रूप में बल्कि विभिन्न व्यंजनों, मिठाइयों और पेस्ट्री में भी इस्तेमाल किया जाता है।
पिस्ता सिर्फ एक स्वादिष्ट नाश्ता नहीं है, बल्कि यह अपने असाधारण स्वास्थ्य लाभ के कारण भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, पिस्ता अन्य मेवों की तुलना में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें स्वस्थ वसा (मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स) होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करने और कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही, यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।
विटामिन-बी6, ई और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर पिस्ता रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाने में भी सहायक होता है। आयुर्वेद में पिस्ता को वात-शामक (वात दोष को शांत करने वाला) माना गया है। यह चिंता, अनिद्रा, भूख न लगना और मोटापे जैसी वात-संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद माना गया है। साथ ही, पिस्ता हृदय के लिए भी अच्छा है, यौन शक्ति और नींद में सुधार करता है, और त्वचा को निखार दिलाने में भी मदद करता है।
पिस्ता में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज से बचाव करता है। यह आंत में लाभकारी बैक्टीरिया के विकास को भी बढ़ावा देता है। वहीं, इसमें ल्यूटिन और जीएक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ये आंखों की बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।
पिस्ता में एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। अगर आप इसका रोजाना सेवन करते हैं, तो स्किन को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। डायबिटीज के मरीज भी पिस्ता खा सकते हैं। इससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है।
कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि पिस्ता डायबिटीज के मरीज का ग्लाइसेमिक लेवल और शरीर में सूजन की समस्या को कम करता है। इसकी तासीर गर्म होती है, गर्मियों में इसका सीमित मात्रा में या पानी में भिगोकर सेवन करना चाहिए।