माघ मेला तीसरे दिन भी संगम पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के तीसरे दिन सोमवार सुबह से ही संगम घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, देश के विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

त्रिवेणी में स्नान कर श्रद्धालु गदगद नजर आए, संगम में डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने इसे आध्यात्मिक शांति और पुण्य लाभ का अनुभव बताया।

हैदराबाद से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वे पहले महाकुंभ में भी आ चुके हैं और अब माघ मेले में स्नान किया है, संगम स्नान के बाद वे काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए रवाना होंगे।

श्रद्धालु ने योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इंतजाम बहुत अच्छे हैं और हर-हर गंगे के जयकारों के बीच उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हुई।

संगम पहुंचे भक्तों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की खुलकर तारीफ की, एक श्रद्धालु ने कहा कि भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक और पार्किंग के इंतजाम बेहद सराहनीय हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन की बेहतर व्यवस्था के कारण यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही, जिससे अन्य लोगों को भी माघ मेले में आने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

एक अन्य भक्त ने बताया कि माघ मेले का अपना अलग ही आकर्षण है, यहां आने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

श्रद्धालु ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, पुलिस हर समय मौजूद रहती है और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं की मदद करती है।

भक्तों ने यह भी बताया कि मेले में साफ-सुथरे चेंजिंग रूम, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ठंड और कोहरे के बावजूद स्नान करना आसान हो गया है।

माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी से हुई है और यह 15 फरवरी तक चलेगा, पहले दिन ही लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।

प्रशासन के अनुसार रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं, सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक और पार्किंग को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

ठंडी हवाओं और कोहरे के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही, आस्था के रंग में रंगे भक्त पूरे उत्साह के साथ संगम स्नान कर रहे हैं।

माघ मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, यहां बड़ी संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु भी मौजूद हैं।

संगम घाटों पर स्नान के साथ भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन का आयोजन हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि संगम स्नान से पापों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है, इसी विश्वास के साथ दूर-दूर से लोग प्रयागराज पहुंच रहे हैं।