सर्दियों में भुना चना ऊर्जा और पाचन का दमदार स्रोत

सर्दियों के मौसम में शरीर को ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है क्योंकि इस दौरान शरीर में प्राकृतिक रूप से वात दोष बढ़ता है, ऐसे में शरीर सुस्त और थकावट से भर जाता है लेकिन रसोई में मौजूद एक सस्ता और पावरफुल स्नैक इस समस्या का आसान समाधान साबित हो सकता है।

हम बात कर रहे हैं भुने चने की, जिसे प्रोटीन का सस्ता लेकिन बेहद असरदार स्रोत माना जाता है और जिसे अक्सर लोग कम महत्व देकर अनदेखा कर देते हैं।

भुना चना कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है, गर्मियों में यह शरीर को ठंडक देता है जबकि सर्दियों में यह शरीर को उष्णता प्रदान करता है, आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में पाचन शक्ति अधिक प्रबल होती है और भारी भोजन भी आसानी से पच जाता है, ऐसे में चना पेट पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालता।

भुना चना सर्दियों में बढ़ने वाले वात और कफ दोष को संतुलित करता है, आयुर्वेद में बताया गया है कि सर्दियों में ये दोनों दोष तेजी से बढ़कर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं इसलिए भुने चने का सेवन रक्षा कवच का काम कर सकता है।

थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में ढिलाई महसूस होने पर भी भुना चना उपयोगी माना जाता है, यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और मांसपेशियों को मजबूती देता है।

सर्दियों में बार-बार भूख लगने की समस्या से भी भुना चना राहत देता है, यह सेवन में भारी होता है और इसे पचने में समय लगता है जिसके कारण 3 से 4 घंटे तक भूख महसूस नहीं होती, यही कारण है कि सर्दियों में वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह उपयोगी माना जाता है।

अब सवाल है कि इसका सेवन कैसे किया जाए, सुबह खाली पेट गुड़ के साथ भुने चने का सेवन लाभकारी माना जाता है क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण बेहतर होता है, इसके अलावा चाय के साथ भुने चने में अजवाइन और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

भुने चने को रात में भिगोकर सुबह सेवन करना भी फायदेमंद बताया गया है, यह तरीका पाचन को आसान बनाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है।