सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी और डीजीपी को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हुई ईडी की छापेमारी से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को नोटिस जारी किया है, कोर्ट ने बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि छापेमारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार ने छापेमारी के दौरान कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की है, ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री खुद आरोपी हैं और डीजीपी की मौजूदगी में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया गया, राजू ने कहा कि डीजीपी की भूमिका भी सहयोगी की थी।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने दलीलें सुनने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से ईडी अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई है, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि याचिकाओं में गंभीर सवाल उठाए गए हैं और इस तरह के मामले अगर अनसुलझे छोड़ दिए जाएं तो राज्यों में अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है।

बेंच ने ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और उन्हें दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है, मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की गई है।

अपने अंतरिम आदेश में शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि तलाशी वाले परिसरों के साथ-साथ आसपास के इलाके में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्टोरेज डिवाइस को अगली सुनवाई तक सुरक्षित रखा जाए।

सुनवाई में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये याचिकाएं सुनवाई के योग्य नहीं हैं, उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले जांच एजेंसियों की दखल का एक पैटर्न दिखाई देता है और जब मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब इस पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।

ईडी की नई अर्जी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है, इस अर्जी में ईडी ने डीजीपी राजीव कुमार समेत पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है।