सुप्रीम कोर्ट बनाम स्ट्रीट डॉग्स विवाद: नया फैसला, नई दिशा

11 अगस्त, 2025 —
सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच (जस्टिस जेबी परदीवाला और आर महादेवन) ने आदेश दिया था कि:

➡️ दिल्ली-NCR में 8 हफ्तों के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम्स में रखा जाए।

⚠️ नतीजा:

  • जबरदस्त हंगामा
  • प्रोटेस्ट्स
  • सोशल मीडिया पर गुस्सा
  • डॉग लवर्स और NGOs का विरोध

🛑 क्या कहा डॉग लवर्स ने?

🐾 “यह आदेश अनसाइंटिफिक है।”

🐾 “यह टेरिटोरियल स्टेबिलिटी को तोड़ता है।”

🐾 “ओवरक्राउडेड शेल्टर्स में मास डॉग डेथ्स हो सकते हैं।”


⚖️ अब क्या हुआ? – नया फैसला, बड़ी बेंच की एंट्री

👨‍⚖️ एक नई 3-जजों की बेंच गठित हुई:

  • जस्टिस विक्रमनाथ
  • जस्टिस संदीप मेहता
  • जस्टिस एनवी अंजरिया

📅 23 अगस्त, 2025 को इस बेंच ने पूर्व आदेश को पलटते हुए नया आदेश जारी किया।


सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला: मुख्य बिंदु

1️⃣ कुत्तों को स्थायी रूप से नहीं रखा जाएगा शेल्टर्स में।
📌 उन्हें स्टेरलाइज और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन के बाद उसी एरिया में वापस छोड़ा जाएगा।

2️⃣ आक्रामक और रेबीज-संक्रमित कुत्तों को छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
📌 ऐसे कुत्ते शेल्टर्स में ही रहेंगे।

3️⃣ पब्लिक स्ट्रीट फीडिंग पर रोक।
📌 अब फीडिंग होगी सिर्फ डेजिग्नेटेड फीडिंग पॉइंट्स पर।
📌 हर वार्ड में सिविक बॉडी को फीडिंग जोन तय करना होगा।


यह आदेश किस पर लागू होगा?

🚫 सिर्फ दिल्ली-NCR नहीं,
पूरे भारत में

📌 यह आदेश अब पैन-इंडिया लेवल पर लागू होगा।
➡️ अब किसी राज्य की हाईकोर्ट का निर्णय इस पर प्रभावी नहीं रहेगा।


ABC रूल्स 2023 का पालन अनिवार्य

⚙️ एबीसी (Animal Birth Control) रूल्स के अनुसार:
✅ पकड़ो → ✅ स्टेरलाइज करो → ✅ वैक्सिनेट करो → ✅ उसी क्षेत्र में छोड़ दो।

📝 अब यही प्रक्रिया पूरे देश में लागू होगी।


किसकी क्या जिम्मेदारी?

🔸 म्युनिसिपल बॉडीज:

  • कुत्तों की गिनती, स्टेरलाइजेशन, फीडिंग पॉइंट्स की व्यवस्था
  • डेली रिकॉर्ड मेंटेन करना

🔸 RWA (रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स):

  • फीडिंग स्ट्रीट्स पर नहीं, सिर्फ डेजिग्नेटेड पॉइंट्स पर
  • सरकारी ड्राइव में सहयोग देना

🔸 NGOs और फीडर्स:

  • किसी भी सरकारी कार्य में बाधा नहीं
  • केवल तय जगहों पर फीडिंग

फैसले का उद्देश्य क्या है?

🧩 बैलेंस बनाना:

  • रेज़िडेंट्स की सुरक्षा
  • एनिमल वेलफेयर की रक्षा

🔍 डॉग बाइट्स कम हों
🧬 जनसंख्या नियंत्रण हो
📉 फाइनेंशियल बर्डन सीमित हो


🗣️ क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

🔬 “यह फैसला अब विज्ञान आधारित, प्रैक्टिकल और न्यायसंगत दिखता है।”


अंतिम बात: अब आगे क्या?

🧭 भारत की सभी लोकल बॉडीज को यह फैसला लागू करना अनिवार्य होगा।
🏛️ सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अब एकसमान कानून की तरह मानी जाएगी।