टाटा ग्रुप एयर इंडिया के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तलाश कर रहा है, अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद आए उतार-चढ़ाव और निजीकरण के बावजूद वित्तीय स्थिति के पूरी तरह पटरी पर न लौटने से यह कदम अहम माना जा रहा है।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन एयर इंडिया के सीईओ पद के लिए कई संभावित उम्मीदवारों से बातचीत कर चुके हैं, जिनके पास बड़ी एयरलाइंस के संचालन का व्यापक अनुभव है।
सूत्रों का कहना है कि मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन का कॉन्ट्रैक्ट 2027 के मध्य में समाप्त हो रहा है, और वे एयरलाइन के साथ आगे काम करने में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
इस वजह से प्रस्तावित बदलाव को आपसी सहमति से अलग होने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नेतृत्व परिवर्तन अपेक्षाकृत सहज रह सके।
लीडरशिप में बदलाव की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि एयर इंडिया 31 मार्च तक तय किए गए ब्रेक-ईवन लक्ष्य को हासिल करने से चूक सकती है।
जून 2025 में अहमदाबाद में हुआ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश एयर इंडिया और उसकी पुनरुद्धार योजना के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ, जिससे परिचालन और ब्रांड छवि दोनों प्रभावित हुईं।
नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर आईएएनएस की ओर से भेजे गए सवालों पर इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक एयर इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
हालांकि टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के बेड़े को आधुनिक बनाने और नए रूट्स के विस्तार के लिए भारी निवेश किया है, लेकिन विमानों की डिलीवरी में देरी से योजनाओं पर असर पड़ा है।
इसके साथ ही पुराने विमानों के लिए तय किए गए रीफर्बिशमेंट में देरी भी पुनरुद्धार की गति को धीमा कर रही है।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी एयर इंडिया के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं, जिसने यात्रियों के भरोसे और संचालन पर प्रभाव डाला है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किए जाने जैसे फैसलों ने भी एयर इंडिया की लागत बढ़ा दी है, जिससे उड़ानों के रास्ते लंबे और खर्च अधिक हो गया है।
न्यूजीलैंड में जन्मे कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी, जब टाटा ग्रुप ने सरकार से एयरलाइन का अधिग्रहण किया था।
53 वर्षीय विल्सन ने इससे पहले सिंगापुर एयरलाइंस और उसकी लो-कॉस्ट सब्सिडियरी स्कूट में सीनियर मैनेजमेंट की जिम्मेदारियां निभाई हैं।
खबरों के मुताबिक टाटा ग्रुप की लो-कॉस्ट सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी आने वाले समय में लीडरशिप स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
