भारत में टेस्ला की बिक्री सुस्त, पिछले साल सिर्फ 225 कारें बिकीं

अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला से भारतीय ग्राहकों ने दूरी बना ली है, कंपनी ने पिछले साल भारत में केवल 225 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, यह आंकड़ा इंडस्ट्री डेटा में सामने आया है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन फाडा के आंकड़ों के मुताबिक टेस्ला ने सितंबर में 64 यूनिट, अक्टूबर में 40 यूनिट, नवंबर में 48 यूनिट और दिसंबर में 73 यूनिट की बिक्री की है।

अमेरिकी कंपनी ने भारत में प्रवेश मुंबई में एक्सपीरियंस शोरूम खोलकर किया था, फिलहाल कंपनी भारतीय बाजार में अपने मॉडल वाई की बिक्री कर रही है।

मॉडल वाई का स्टैंडर्ड रियर-व्हील-ड्राइव वेरिएंट 59.89 लाख रुपए एक्स-शोरूम कीमत पर उपलब्ध है, जबकि लॉन्ग रेंज आरडब्ल्यूडी वेरिएंट की कीमत 67.89 लाख रुपए एक्स-शोरूम है।

विदेशों में पूरी तरह से निर्मित वाहनों को भारत में आयात करने पर ऊंचा आयात शुल्क लगता है, यही वजह है कि टेस्ला मॉडल वाई की कीमत विदेशी बाजारों की तुलना में भारत में काफी अधिक है।

टेस्ला फिलहाल गुरुग्राम, मुंबई और दिल्ली में एक्सपीरियंस सेंटर संचालित कर रही है, जिनमें करीब 12 सुपरचार्जर और 10 डेस्टिनेशन चार्जर शामिल हैं।

कंपनी का दावा है कि मॉडल वाई का स्टैंडर्ड वेरिएंट 500 किलोमीटर तक और लॉन्ग रेंज वेरिएंट 622 किलोमीटर तक की रेंज देता है, स्टैंडर्ड वेरिएंट 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार 5.9 सेकंड में और लॉन्ग रेंज 5.6 सेकंड में पकड़ लेती है, दोनों की अधिकतम रफ्तार 201 किमी प्रति घंटा है।

टेस्ला का कहना है कि फास्ट चार्जिंग से सिर्फ 15 मिनट में स्टैंडर्ड वेरिएंट में करीब 238 किमी और लॉन्ग रेंज में 267 किमी तक की रेंज हासिल की जा सकती है।

वाहन पोर्टल के आंकड़ों में बताया गया है कि 2025 में भारत के कुल वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत पर पहुंच गई है और कुल ईवी बिक्री 23 लाख यूनिट रही है।

इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस आईईएसए की रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों की बिक्री 1,75,000 यूनिट रही है, जिसमें छोटे और हल्के वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों की बिक्री में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।