टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल की बढ़ती आदत से बढ़ रहा पाइल्स और सर्वाइकल का खतरा

हाई टेक्नोलॉजी के दौर में लोग मोबाइल फोन से चंद मिनट दूर रह पाना भी मुश्किल समझते हैं। सोशल मीडिया और रील्स देखने की आदत का असर इस हद तक बढ़ गया है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल फोन साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से अधिक समय वहीं बिताते हैं।

शोधों में सामने आया है कि टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने वालों में पाचन संबंधी समस्याएं और पाइल्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठने से रेक्टम पर दबाव बढ़ता है, जिससे पाइल्स का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो जाता है। पेट पर पड़ने वाले दबाव से कब्ज और indigestion की समस्या भी बढ़ सकती है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार टॉयलेट में मोबाइल देखने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर असहनीय दबाव पड़ता है। लगातार झुके रहने की वजह से सर्वाइकल का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से स्पाइन या सर्वाइकल से जुड़ी समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

टॉयलेट में मोबाइल ले जाने का एक और बड़ा खतरा बैक्टीरिया और संक्रमण है। विशेषज्ञ बताते हैं कि टॉयलेट की सतह पर मौजूद बैक्टीरिया मोबाइल की सतह पर चिपक जाते हैं, जो बाद में हाथों के जरिए शरीर में जा सकते हैं।

चिकित्सकों का मानना है कि टॉयलेट के दौरान मोबाइल पर ध्यान केंद्रित रहने से मस्तिष्क का वह सिग्नल कमजोर पड़ जाता है, जो शरीर को विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने की प्रक्रिया को पूरा करने में मदद करता है। इससे पेट पूरी तरह साफ नहीं होता और लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है।

विशेषज्ञ लोगों को सलाह देते हैं कि टॉयलेट में मोबाइल फोन ले जाने से बचें और इसे आदत बनने से रोकें ताकि शरीर प्राकृतिक तरीके से कार्य कर सके और अनावश्यक स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।