अमेरिका की टैरिफ नीति का नया वार: भारत पर 50% शुल्क लागू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए आयातित भारतीय वस्तुओं पर कुल 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला 27 अगस्त से लागू होगा और इसके पीछे मुख्य कारण बताया जा रहा है भारत का रूस से तेल खरीदना।
वैश्विक रणनीति का हिस्सा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सिर्फ भारत के खिलाफ नहीं है, बल्कि अमेरिका की व्यापक वैश्विक टैरिफ रणनीति का हिस्सा है। हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन ने चीन और यूरोपीय संघ पर भी इसी तरह के अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस नीति के जरिए ट्रंप अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देने और चुनावी समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत की चिंता और जवाब
भारत के लिए यह फैसला निर्यात क्षेत्र में बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर रत्न, आभूषण, परिधान और हस्तशिल्प उद्योग में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद रोड शो के दौरान भरोसा दिलाया कि भारत अपने छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा करेगा और किसी भी वैश्विक दबाव में नहीं झुकेगा।
आगे की संभावनाएँ
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि भारत अमेरिका के इस कदम का क्या जवाब देता है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अमेरिकी कृषि और तकनीकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने जैसे प्रतिशोधात्मक विकल्पों पर विचार कर रही है।