भारत का अंतरिक्ष विज़न: ISRO की बड़ी घोषणाएँ

भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने नई पीढ़ी के अभियानों की घोषणा कर भारत को वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व की ओर तेज़ी से बढ़ने का संकेत दिया।


🛰️ ISRO की नई घोषणाएँ

  • चंद्रयान-4 (2027)लूनर सैंपल रिटर्न मिशन, जिसके माध्यम से भारत चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने पृथ्वी पर लाएगा।
  • शुक्रयान (2028)Venus Orbiter Mission, जो ग्रह शुक्र के रहस्यों की गहराई से पड़ताल करेगा।
  • भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) – 2028 तक पहला मॉड्यूल लॉन्च किया जाएगा और 2035 तक यह पूरी तरह परिचालन में आ जाएगा।

🇮🇳 प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता और नवाचार की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया:

  • 2014 में जहाँ केवल 1 स्टार्टअप था, आज अंतरिक्ष क्षेत्र में 300 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं।
  • आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य है कि हर साल 50 रॉकेट प्रक्षेपण किए जाएं।
  • वर्ष 2040 तक भारत मानवयुक्त चंद्र अभियान (Crewed Moon Mission) पूरा करेगा।

🌍 भारत की नई उड़ान

भारत अब केवल उपग्रह प्रक्षेपण का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में मानव अंतरिक्ष उड़ानों, ग्रहों की खोज और अंतरिक्ष स्टेशन संचालन में भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।


👉 यह घोषणाएँ स्पष्ट करती हैं कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम आने वाले दशक में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निर्णायक भूमिका निभाने वाला है।