Mhow में 26 अगस्त को आयोजित रान संवाद 2025 सेमिनार में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने युद्ध के बदलते स्वरूप और उसमें तकनीक की अहमियत पर विस्तार से बात की।
उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में आत्मनिर्भरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मजबूत साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र भारत की सैन्य ताकत को परिभाषित करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने ‘सुदर्शन चक्र’ सिस्टम पर भी रोशनी डाली। यह एक स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली है, जिसे इजरायल के आयरन डोम से तुलना की जा रही है। फर्क इतना है कि इसमें रक्षात्मक क्षमता के साथ-साथ आक्रामक क्षमता भी होगी।
सुदर्शन चक्र का लक्ष्य 2035 तक देश के अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को सुरक्षा कवच देना है। सेमिनार में यह भी जोर दिया गया कि भविष्य के युद्धों में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त ऑपरेशन्स पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे।
कार्यक्रम ने यह साफ किया कि भारत केवल तकनीक अपनाने पर ही नहीं, बल्कि उसे खुद विकसित करने और वैश्विक स्तर पर सैन्य बढ़त हासिल करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है।