क्या आपकी प्यारी कॉफी में कॉकरोच पिसे हुए हैं?
अगर आप खुद को प्योर वेजिटेरियन मानते हुए रोज़ कॉफी पीते हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए आंखें खोलने वाली है।
🔍 रिसर्च क्या कहती है?
हाल ही में कई रिसर्च और रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि हमारी कॉफी में कॉकरोच और अन्य कीड़े पिसे हुए हो सकते हैं। यह कोई अफ़वाह नहीं, बल्कि अमेरिकी संस्था एफडीए (Food and Drug Administration) द्वारा भी स्वीकार किया गया तथ्य है।
- एफडीए के अनुसार कॉफी पाउडर में 4% से 6% तक कीड़े (Cockroaches) मिलना सामान्य माना जाता है।
- इस संदर्भ में एफडीए ने एक मैक्सिमम लिमिट 10% तक तय की है, ताकि कॉफी ब्रांड्स इसका ज़्यादा दुरुपयोग न करें।
🏭 कॉफी में कॉकरोच कैसे मिलते हैं?
कॉफी बींस को जब बड़े-बड़े वेयरहाउस में स्टोर किया जाता है, तो वहां पर कॉकरोच और अन्य कीड़े आसानी से पहुंच जाते हैं।
- इन बींस को लाखों की संख्या में स्टोर करना पड़ता है।
- हर बींस को अलग करना और कीड़ों को पूरी तरह हटाना तकनीकी रूप से असंभव है।
- जब यही बींस ग्राइंड कर पैक किए जाते हैं, तो कीड़े भी उनके साथ पिस जाते हैं।
🥤 यानी आप क्या पी रहे हैं?
अब तक आपने बिना जाने ही कॉकरोच मिश्रित कॉफी पी है।
- कॉफी पाउडर → सबसे अधिक जोखिम
- कॉफी बींस → अपेक्षाकृत सुरक्षित
✅ समाधान क्या है?
अगर आप प्योर वेजिटेरियन रहने की सोच रखते हैं और कॉकरोच वाली कॉफी से बचना चाहते हैं तो:
- कॉफी बींस (Beans) खरीदना शुरू कीजिए।
- घर पर उन्हें खुद ग्राइंड करके कॉफी तैयार करें।
- कोशिश करें कि ऑर्गेनिक और क्लीन स्टोरिंग वाले ब्रांड्स ही चुनें।
⚠️ निष्कर्ष
कॉफी में कॉकरोच मिलना कोई मिथक नहीं, बल्कि एक स्वीकृत वास्तविकता है।
एफडीए ने इसके लिए स्पष्ट सीमा तय की हुई है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी गंभीर स्वास्थ्य खतरे से बचाया जा सके।
लेकिन सवाल यह है कि –
👉 अब आप क्या करेंगे?
👉 कॉफी का स्वाद या वेजिटेरियन पहचान – किसे चुनेंगे?